मुहब्बतकीगज़लेंसुनातेनहींहैं
पताशायरोंकाबतातेनहींहैं
मेरेकमरेंमेंअबउदासीहैक़ायम
मगरभीड़मेंहमदिखातेनहींहैं
कहींहमशराबीनहोजाएयारों
सोज़्यादाभीपानीमिलातेनहींहैं
मुहब्बतमेंपर्दाउठातेहैंलेकिन
झुकीइसनज़रकोउठातेनहींहैं
कहींयेनहो,दुनियासरपेउठाले
शरीफोंकोज़्यादापिलातेनहींहैं
हाँमानाकिसिगरटजलातेहैंलेकिन
किसीकेभीदिलकोजलातेनहींहैं
बतादेंगेतुमको,बिछड़नाहैंकैसे
मुहब्बत-वुहब्बतसिखातेनहींहैं