koi manzar nahin tikta meri veeraan aankhoñ men | कोई मंज़र नहीं टिकता मेरी वीरान आँखों में

  - "Nadeem khan' Kaavish"
कोईमंज़रनहींटिकतामेरीवीरानआँखोंमें
मुझेलगतानहींबाक़ीहैंअबभीजानआँखोंमें
ज़रादेखोइधरतुमग़ौरसेएहसासहोगाये
समुंदरडालकररखनानहींआसानआँखोंमें
मैंजबभीदेखताहूँसाथमेंतस्वीरपापाकी
तोबेहदशोरहोताहैतभीसुनसानआँखोंमें
सिताराछीनकरमुझसेेख़ुदाभीख़ुशहुआहोगा
ख़ुदातूबोलआयाथाकोईशैतानआँखोंमें
मेरेवालिदकीमय्यतदेखकरदिलनेकहामुझसेे
खड़ाक्याहैलुटादेजानइनबे-जानआँखोंमें
चलेजानामुझेमंज़ूरतोहोगानहींलेकिन
चलोजाओबढ़ाओतुमख़ुदाकीशानआँखोंमें
मैंजबवालिदसेमिलताहूँकभीजोक़ब्रपरउनकी
तोमेरेसाथमेंरोताहैक़ब्रिस्तानआँखोंमें
  - "Nadeem khan' Kaavish"
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