iraada khudkushi ka tha bahaana kya banaate ham | इरादा ख़ुद-कुशी का था, बहाना क्या बनाते हम

  - "Nadeem khan' Kaavish"
इरादाख़ुद-कुशीकाथा,बहानाक्याबनातेहम
अगरमानोकिमरजातेतोकिस-किसकोरुलातेहम
कोईजोपूछताहमसेेमुहब्बतकिसकोकहतेहैं
तोबेहदहीमुहब्बतसे,मुहब्बतभीसिखातेहम
निकलतादायरेसे,सोचतूहिम्मतअगरकरता
तोतेराहाथलेनेयारतेरेघरभीआतेहम
यहाँतोहरकोईखोयाहुआहैंप्यारमेंयारों
बताओकिसकोअपनीग़म-ज़दाग़ज़लेंसुनातेहम
किसीसेहारनामुझकोगंवाराहीनहींलेकिन
तूचलताचालउल्फ़तमेंतोख़ुदहीहारजातेहम
तुम्हारेजानेकायेग़मनिकलताहीनहींदिलसे
ज़रासोचोतोफिरकैसेकिसीसेदिललगातेहम
  - "Nadeem khan' Kaavish"
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