na aaya mazaa shab ki tanhaaiyon men | न आया मज़ा शब की तन्हाइयों में

  - Kaif Bhopali
आयामज़ाशबकीतन्हाइयोंमें
सहरहोगईचंदअंगड़ाइयोंमें
रंगीनियोंमेंरानाइयोंमें
नज़रघिरगईअपनीपरछाइयोंमें
मुझेमुस्कुरामुस्कुराकरदेखो
मिरेसाथतुमभीहोरुस्वाइयोंमें
ग़ज़बहोगयाउनकीमहफ़िलसेआना
घिराजारहाहूँतमाशाइयोंमें
मोहब्बतहैयाआजतर्क-ए-मोहब्बत
ज़रामिलतोजाएँवोतन्हाइयोंमें
इधरआओतुमकोनज़रलगजाए
छुपालूँतुम्हेंदिलकीगहराइयोंमें
अरेसुननेवालोयेनग़्मेंनहींहैं
मिरेदिलकीचीख़ेंहैंशहनाइयोंमें
वो'कैफ़'जिसदिनसेमेरेहुएहैं
तोसाराज़मानाहैशैदाइयोंमें
  - Kaif Bhopali
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