अगरचेहादसेगुज़रेहैंपानियोंकीतरह
ख़मोशरहगएहमलोगसाहिलोंकीतरह
किसीकेसामनेमैंकिसलिएज़बाँखोलूँ
मिलीहैअपनीअनामुझकोदुश्मनोंकीतरह
तिरेबग़ैरनज़रआएहैंमुझेअक्सर
मकानकेदर-ओ-दीवारक़ातिलोंकीतरह
नजानेकौनसीमंज़िलकोचलदिएपत्ते
भटकरहीहैंहवाएँमुसाफ़िरोंकीतरह
हमींनेखोलकेलबरूहफूँकदीवर्ना
तमामहर्फ़थेबे-जानपत्थरोंकीतरह
मैंरोरहाथाशब-ए-ग़मकीज़ुल्मतोंसेबहुत
ख़ुदाकाशुक्रजलेज़ख़्ममिशअलोंकीतरह
यहीतो'कैफ़'हसदहैकिदिलभीयारोंके
सियाहहोगएलिक्खेहुएख़तोंकीतरह