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'June' Sahab Barelvi
jhuki thii jhuki hai jhuki rahne do ab
jhuki thii jhuki hai jhuki rahne do ab | झुकी थी झुकी है झुकी रहने दो अब
- 'June' Sahab Barelvi
झुकी
थी
झुकी
है
झुकी
रहने
दो
अब
उठाओ
न
पलकें
सितम
ढाने
वाले
- 'June' Sahab Barelvi
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सर
पर
हवा-ए-ज़ुल्म
चले
सौ
जतन
के
साथ
अपनी
कुलाह
कज
है
उसी
बाँकपन
के
साथ
Majrooh Sultanpuri
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क्या
सितम
है
कि
अब
तिरी
सूरत
ग़ौर
करने
पे
याद
आती
है
Jaun Elia
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सितम
भी
मुझ
पे
वो
करता
रहा
करम
की
तरह
वो
मेहरबाँ
तो
न
था
मेहरबान
जैसा
था
Anwar Taban
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टक
गोर-ए-ग़रीबाँ
की
कर
सैर
कि
दुनिया
में
उन
ज़ुल्म-रसीदों
पर
क्या
क्या
न
हुआ
होगा
Meer Taqi Meer
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पूरी
कायनात
में
एक
क़ातिल
बीमारी
की
हवा
हो
गई
वक़्त
ने
कैसा
सितम
ढाया
कि
दूरियाँ
ही
दवा
हो
गईं
Unknown
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हर
एक
सितम
पे
दाद
दी
हर
ज़ख़्म
पे
दु'आ
हमने
भी
दुश्मनों
को
सताया
बहुत
दिनों
Nawaz Deobandi
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छोड़
कर
जाने
का
मंज़र
याद
है
हर
सितम
तेरा
सितमगर
याद
है
अपना
बचपन
भूल
बैठा
हूँ
मगर
अब
भी
तेरा
रोल
नंबर
याद
है
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Salman Zafar
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सुख़न
का
जोश
कम
होता
नहीं
है
वगरना
क्या
सितम
होता
नहीं
है
भले
तुम
काट
दो
बाज़ू
हमारे
क़लम
का
सर
क़लम
होता
नहीं
है
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Baghi Vikas
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ज़ुल्म
फिर
ज़ुल्म
है
बढ़ता
है
तो
मिट
जाता
है
ख़ून
फिर
ख़ून
है
टपकेगा
तो
जम
जाएगा
Sahir Ludhianvi
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ज़ालिम
था
वो
और
ज़ुल्म
की
आदत
भी
बहुत
थी
मजबूर
थे
हम
उस
से
मोहब्बत
भी
बहुत
थी
Kaleem Aajiz
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ख़ैरमक़्दम
करें
सब
इसरो
का
अब
हमीं
हम
हैं
चॉंद
पर
देखो
'June' Sahab Barelvi
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कोई
तो
ग़म
तुम्हें
भी
है
वर्ना
बे-वजह
यूँँ
न
मुस्कुराती
तुम
'June' Sahab Barelvi
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फिर
नमक-दाँ
में
रख
दिया
मरहम
यूँँ
सलामत
है
दर्द
बरसों
से
'June' Sahab Barelvi
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दुश्मनों
के
ही
अब
सहारे
हैं
जंग
अपनों
से
ऐसी
हारे
हैं
मुझको
अच्छे
बुरे
का
इल्म
नहीं
ये
जो
मौजूद
हैं
पियारे
हैं
शक्ल-ओ-सूरत
न
तुम
मिरी
देखो
हम
तो
जैसे
भी
हैं
तुम्हारे
हैं
वसवसे
दिल
में
अब
मिरे
उठते
क्या
रक़ीबों
के
वारे
न्यारे
हैं
नज़रें
उसकी
हैं
मानो
हुस्न-ए-नज़र
बाँहें
बाँहें
नहीं
इदारे
हैं
मेरे
नज़दीक
और
नहीं
कोई
मसलन
उसके
ही
सब
नज़ारे
हैं
एक
मुद्दत
से
मुद्दई
है
जून
पाँव
तशवीश
ने
पसारे
हैं
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'June' Sahab Barelvi
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ये
रिवायत
तिरा
पयाम
है
क्या
दूर
से
ही
दु'आ
सलाम
है
क्या
'June' Sahab Barelvi
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