dekhne ka na kuchh dikhaane ka | देखने का न कुछ दिखाने का

  - 'June' Sahab Barelvi
देखनेकाकुछदिखानेका
दौरयेहैअभीकमानेका
छोड़केमुझकोआतेजातेसब
सचबताऊँतोआस्तानेका
आज-कलदौर-ए-इश्क़कामतलब
दोनोंहाथोंसेसबलुटानेका
तेरेबसकानहींख़यालकर
ज़ख़्मलौटादेइसदिवानेका
ग़महीखाताहूँपीताहूँआँसू
हालयेहैग़रीब-ख़ानेका
अजनबिय्यततुमबयानकरो
बसभरमरखनादोस्तानेका
सूरत-ए-हालक्याबताएजू'न
इश्क़मोहताजदाने-दानेका
  - 'June' Sahab Barelvi
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