hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Jitendra "jeet"
kya zaroorat padi hijr ki ai KHuda
kya zaroorat padi hijr ki ai KHuda | क्या ज़रूरत पड़ी हिज्र की ऐ ख़ुदा
- Jitendra "jeet"
क्या
ज़रूरत
पड़ी
हिज्र
की
ऐ
ख़ुदा
मौत
काफ़ी
नहीं
दिल-लगी
के
लिए
- Jitendra "jeet"
Download Sher Image
जब
से
छेड़ा
है
मेरे
ज़ख़्मों
को
आ
रही
मौत
की
सदा
मुझको
Rachit Sonkar
Send
Download Image
1 Like
आई
होगी
किसी
को
हिज्र
में
मौत
मुझ
को
तो
नींद
भी
नहीं
आती
Akbar Allahabadi
Send
Download Image
38 Likes
मौत
को
हम
ने
कभी
कुछ
नहीं
समझा
मगर
आज
अपने
बच्चों
की
तरफ़
देख
के
डर
जाते
हैं
Shakeel Jamali
Send
Download Image
35 Likes
दुनिया
मेरी
बला
जाने
महँगी
है
या
सस्ती
है
मौत
मिले
तो
मुफ़्त
न
लूँ
हस्ती
की
क्या
हस्ती
है
Fani Badayuni
Send
Download Image
29 Likes
वक़्त
करता
है
परवरिश
बरसों
हादिसा
एक
दम
नहीं
होता
Qabil Ajmeri
Send
Download Image
31 Likes
मैं
अपनी
मौत
से
ख़ल्वत
में
मिलना
चाहता
हूँ
सो
मेरी
नाव
में
बस
मैं
हूँ
नाख़ुदा
नहीं
है
Pallav Mishra
Send
Download Image
22 Likes
मौत
का
भी
इलाज
हो
शायद
ज़िंदगी
का
कोई
इलाज
नहीं
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
74 Likes
लेने
आएगी
मौत
जब
मुझको
मेरे
पहलू
में
आब-ए-ज़मज़म
हो
Amaan Pathan
Send
Download Image
8 Likes
ज़िंदगी
फ़िरदौस-ए-गुम-गश्ता
को
पा
सकती
नहीं
मौत
ही
आती
है
ये
मंज़िल
दिखाने
के
लिए
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
26 Likes
मैं
आप
अपनी
मौत
की
तय्यारियों
में
हूँ
मेरे
ख़िलाफ़
आप
की
साज़िश
फ़ुज़ूल
है
Shahid Zaki
Send
Download Image
32 Likes
Read More
वो
क्यूँँ
चाहे
अच्छा
मेरा
जिस
सेे
हुआ
है
झगड़ा
मेरा
अब
ग़ैरों
के
हाथों
में
है
जिस
दिल
पर
था
क़ब्ज़ा
मेरा
उसकी
माँग
सजाने
का
अब
टूट
गया
है
सपना
मेरा
जिसने
उसकी
माँग
भरी
है
दोस्त
हुआ
करता
था
मेरा
यार
ज़रा
भी
शर्म
न
आई
खाकर
तुझको
हिस्सा
मेरा
जीत
न
पाता
जिस
लड़की
से
पड़
जाता
है
पाला
मेरा
Read Full
Jitendra "jeet"
Download Image
2 Likes
ये
अमीरी
इश्क़
पर
भारी
हुई
जब
से
सो
लगा
है
जिस्म
का
बाज़ार
कमरे
में
Jitendra "jeet"
Send
Download Image
1 Like
पहले
तो
याद
का
मसअला
है
ज़ख़्म
तो
बाद
का
मसअला
है
शायरों
पर
ग़ज़ल
कह
रहे
हो
शा'इरी
दाद
का
मसअला
है
हम
तेरे
जाल
में
फँस
गए
हैं
आगे
सय्याद
का
मसअला
है
पहले
तुम
हारना
सीख
लेते
जीत
तो
बाद
का
मसअला
है
Read Full
Jitendra "jeet"
Download Image
1 Like
वो
मैं
था
जो
उसकी
हर
हाँ
में
शामिल
नइँ
था
बस
इस
कारण
ही
तो
मैं
उसके
क़ाबिल
नइँ
था
उस
दिल
के
दफ़्तर
में
मिल
तो
जाता
काम
मुझे
हाँ
पास
मेरे
रिश्वत
में
देने
को
दिल
नइँ
था
Read Full
Jitendra "jeet"
Send
Download Image
1 Like
मैं
तो
माँ
के
क़दमों
में
हूँ
मुझको
जन्नत
से
क्या
लेना
Jitendra "jeet"
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Bekhabri Shayari
Satire Shayari
Hug Shayari
Dushmani Shayari
Nafrat Shayari