hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Jitendra "jeet"
duniya ne to thukraaya hai mujhko kaanha
duniya ne to thukraaya hai mujhko kaanha | दुनिया ने तो ठुकराया है मुझको कान्हा
- Jitendra "jeet"
दुनिया
ने
तो
ठुकराया
है
मुझको
कान्हा
बस
तुमने
ही
अपनाया
है
मुझको
कान्हा
- Jitendra "jeet"
Download Sher Image
पत्थर
के
इस
जहाँ
में
थी
रोने
लगी
सभा
जब
आदमी
ने
आदमी
को
आदमी
कहा
SHIV SAFAR
Send
Download Image
1 Like
इस
दौर
के
मर्दों
की
जो
की
शक्ल-शुमारी
साबित
हुआ
दुनिया
में
ख़्वातीन
बहुत
हैं
Sarfaraz Shahid
Send
Download Image
18 Likes
एक
तरफ़
है
पूरी
दुनिया
एक
तरफ़
है
मेरा
घर
लेकिन
तुमको
बतला
दूँ
मैं
दुनिया
से
है
अच्छा
घर
सब
कमरों
की
दीवारों
पर
तस्वीरें
हैं
बस
तेरी
मुझ
सेे
ज़ियादा
तो
लगता
है
जानेमन
ये
तेरा
घर
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
37 Likes
बताऊँ
क्या
तुझे
ऐ
हम-नशीं
किस
से
मोहब्बत
है
मैं
जिस
दुनिया
में
रहता
हूँ
वो
इस
दुनिया
की
औरत
है
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
55 Likes
तुम्हारे
साथ
था
तो
मैं
गम-ए-उल्फ़त
में
उलझा
था
तुम्हें
छोड़ा
तो
ये
जाना
कि
दुनिया
ख़ूब-सूरत
है
Nirbhay Nishchhal
Send
Download Image
5 Likes
कल
जहाँ
दीवार
थी
है
आज
इक
दर
देखिए
क्या
समाई
थी
भला
दीवाने
के
सर
देखिए
Javed Akhtar
Send
Download Image
28 Likes
ये
नदी
वर्ना
तो
कब
की
पार
थी
मेरे
रस्ते
में
अना
दीवार
थी
आप
को
क्या
इल्म
है
इस
बात
का
ज़िंदगी
मुश्किल
नहीं
दुश्वार
थी
थीं
कमानें
दुश्मनों
के
हाथ
में
और
मेरे
हाथ
में
तलवार
थी
जल
गए
इक
रोज़
सूरज
से
चराग़
रौशनी
को
रौशनी
दरकार
थी
आज
दुनिया
के
लबों
पर
मुहर
है
कल
तलक
हाँ
साहब-ए-गुफ़्तार
थी
Read Full
ARahman Ansari
Send
Download Image
13 Likes
परतव
से
जिस
के
आलम-ए-इम्काँ
बहार
है
वो
नौ-बहार-ए-नाज़
अभी
रहगुज़र
में
है
Ali Sardar Jafri
Send
Download Image
12 Likes
तू
किसी
और
ही
दुनिया
में
मिली
थी
मुझ
सेे
तू
किसी
और
ही
मौसम
की
महक
लाई
थी
डर
रहा
था
कि
कहीं
ज़ख़्म
न
भर
जाएँ
मेरे
और
तू
मुट्ठियाँ
भर-भर
के
नमक
लाई
थी
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
330 Likes
अपना
सब
कुछ
हार
के
लौट
आए
हो
न
मेरे
पास
मैं
तुम्हें
कहता
भी
रहता
था
कि
दुनिया
तेज़
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
107 Likes
Read More
अपनी
आँखों
से
आँसू
बहा
लीजिए
गीत
को
फिर
मेरे
गुनगुना
लीजिए
तोड़
कर
जा
रहे
हैं
सभी
दिल
मेरा
आप
भी
इक़
दफ़ा
आज़मा
लीजिए
Read Full
Jitendra "jeet"
Send
Download Image
3 Likes
तुमको
हमारी
याद
का
सदक़ा
नहीं
रहा
तबसे
हमारा
हाल
भी
अच्छा
नहीं
रहा
Jitendra "jeet"
Send
Download Image
3 Likes
झूठों
ने
बाज़ार
लगाया
सो
इस
में
सच
की
तो
फिर
क़ीमत
सस्ती
होनी
है
Jitendra "jeet"
Send
Download Image
1 Like
पहले
तो
याद
का
मसअला
है
ज़ख़्म
तो
बाद
का
मसअला
है
शायरों
पर
ग़ज़ल
कह
रहे
हो
शा'इरी
दाद
का
मसअला
है
हम
तेरे
जाल
में
फँस
गए
हैं
आगे
सय्याद
का
मसअला
है
पहले
तुम
हारना
सीख
लेते
जीत
तो
बाद
का
मसअला
है
Read Full
Jitendra "jeet"
Download Image
1 Like
लुटाता
फिर
रहा
है
फूल
सबको
महक
देता
नहीं
उपवन
हमारा
Jitendra "jeet"
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Revenge Shayari
Titliyan Shayari
Haalaat Shayari
Nazara Shayari
Narazgi Shayari