ham kamre men to jee bhar ke rote hain | हम कमरे में तो जी भर के रोते हैं

  - Jitendra "jeet"
हमकमरेमेंतोजीभरकेरोतेहैं
परहमनेदरवाज़ेहँसकरखोलेहैं
मेराअच्छावक़्तनहींआनेवाला
मुझसेेकलघड़ियोंकेकाँटेबोलेहैं
हमउनकेबहकावेमेंजातेहैं
क्यासचमेंयाराहमइतनेभोलेहैं
कैसेकरलूँआजभरोसामैंतेरा
तुमनेतोसीनेमेंख़ंजरघोंपेहैं
उसकोकहनाऔरनहींरोसकतामैं
यारमिरेघरमेंदोबच्चेछोटेहैं
  - Jitendra "jeet"
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