bichhadte vaqt teri aankh bhi to bhar gaii hoti | बिछड़ते वक़्त तेरी आँख भी तो भर गई होती

  - Jitendra "jeet"
बिछड़तेवक़्ततेरीआँखभीतोभरगईहोती
अगरसचमेंतुझेमुझसेेज़राभीआशिक़ीहोती
मोहब्बतमेंयेरातेंगरकहींजल्दीनहींआती
मेरेहिस्सेमेंकोईशामभीतोसुरमईहोती
उदासीसेभरीग़ज़लेंमेरेहिस्सेनहींआतीं
मेरेहाथोंसेउसकीमाँगउसदिनभरगईहोती
रखेतोख़ुद-कुशीकेहैसभीसामानकमरेमें
गलेसेमैंलगालेताअगरफिरज़िन्दगीहोती
जलाकरख़ाककरदेगीधधकतीआगसीनेमें
लगालेताजोसीनेसेतोयेभीबुझगईहोती
  - Jitendra "jeet"
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy