mire hawas pe haavi rahi koi koi baat | मिरे हवा से पे हावी रही कोई कोई बात

  - Jawwad Sheikh
मिरेहवासेपेहावीरहीकोईकोईबात
किज़िंदगीसेसिवाख़ासथीकोईकोईबात
येऔरबातकिमहसूसतकहोनेदूँ
जकड़सीलेतीहैदिलकोतिरीकोईकोईबात
कोईभीतुझसामुझेहू-ब-हूकहींमिला
किसीकिसीमेंअगरचेमिलीकोईकोईबात
ख़ुशीहुईकिमुलाक़ातराएगाँगई
उसेभीमेरीतरहयादथीकोईकोईबात
बदनमेंज़हरकेमानिंदफैलजातीहै
दिलोंमेंख़ौफ़सेसहमीहुईकोईकोईबात
कभीसमझनहींपाएकिउसमेंक्याहैमगर
चलीतोऐसेकिबसचलपड़ीकोईकोईबात
वज़ाहतोंमेंउलझकरयहीखिला'जव्वाद'
ज़रूरीहैकिरहेअन-कहीकोईकोईबात
  - Jawwad Sheikh
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy