safar par niklaa musaafir palat kar apne ghar ko aa jaata hai | सफ़र पर निकला मुसाफ़िर पलट कर अपने घर को आ जाता है

  - Javed Nadeem
सफ़रपरनिकलामुसाफ़िरपलटकरअपनेघरकोजाताहै
ज़मीनदाएरेमेंघूमकरफिरउसीमक़ामसेअपनेसफ़रकीइब्तिदाकरतीहै
वक़्तएकतेज़रफ़्तारघोड़ाहै
जोहालकोमाज़ीमेंतब्दीलकरतामुस्तक़बिलकीतरफ़दौड़ाचलाजारहाहै
कुम्हारकाचाकघूमरहाहै
और
कुम्हारकेमश्शाक़हाथमिट्टीसेमुख़्तलिफ़पैकरतराशरहेहैं
तहज़ीब-ओ-तमद्दुनइंतिहाकोपहुँचकरफिरअपनीइब्तिदाकोपलटतेहैं
तुम्हारीपसंदना-पसंदपरतुम्हारेअस्लाफ़असर-अंदाज़हैं
आदमीअपनेसंस्कारोंसेबँधाहै
येकाल-चक्र
कुम्हारकाघूमताहुआपहिया
तुम्हारीतहक़ीक़-ए-तज्दीदहैतुम्हारेपहलोंकी
हरमुकम्मलना-मुकम्मलहै
हरतख़्लीक़
एकतजस्सुसना-मुकम्मलसेमुकम्मलकीतरफ़
ज़िंदगी
इकाईमेंइकाईकेजम्अ'काअमल
ला-महदूदतक
  - Javed Nadeem
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