yahii haalaat ibtida se rahe | यही हालात इब्तिदास रहे

  - Javed Akhtar
यहीहालातइब्तिदासरहे
लोगहमसेख़फ़ाख़फ़ासेरहे
इनचराग़ोंमेंतेलहीकमथा
क्यूँँगिलाहमकोफिरहवासेरहे
बहसशतरंजशे'रमौसीक़ी
तुमनहींथेतोयेदिलासेरहे
ज़िंदगीकीशराबमाँगतेहो
हमकोदेखोकिपीकेप्यासेरहे
उसकेबंदोंकोदेखकरकहिए
हमकोउम्मीदक्याख़ुदासरहे
  - Javed Akhtar
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