कभीकभीमैंयेसोचताहूँकिमुझकोतेरीतलाशक्यूँँहै
किजबहैंसारेहीतारटूटेतोसाज़मेंइर्तिआशक्यूँँहै
कोईअगरपूछतायेहमसेबतातेहमगरतोक्याबताते
भलाहोसबकाकियेनपूछाकिदिलपेऐसीख़राशक्यूँँहै
उठाकेहाथोंसेतुमनेछोड़ाचलोनदानिस्तातुमनेतोड़ा
अबउल्टाहमसेतोयेनपूछोकिशीशायेपाशपाशक्यूँँहै
अजबदो-राहेपेज़िंदगीहैकभीहवसदिलकोखींचतीहै
कभीयेशर्मिंदगीहैदिलमेंकिइतनीफ़िक्र-ए-मआ'शक्यूँँहै
नफ़िक्रकोईनजुस्तुजूहैनख़्वाबकोईनआरज़ूहै
येशख़्सतोकबकामरचुकाहैतोबे-कफ़नफिरयेलाशक्यूँँहै