jaane kitne sapne dekhe | जाने कितने सपने देखे

  - Jauhar Rahmani
जानेकितनेसपनेदेखे
जीवनकेइसरूपनगरमें
वर्षारुतमेंजैसेमुसाफ़िर
प्रीत-डगरपरप्रेम-सफ़रमें
सपनेजिनमेंकोमलपरियाँ
परफैलाएडोलरहीहैं
आशाओंकेगीतकीलयपर
अमृत-रसकोघोलरहीहैं
मैंनेसोचामीतसभीहैं
येसारासंसारहैअपना
सारेजगकीरीतयहीहै
कड़वीनींदेंमीठासपना
धरतीकीइसफुलवारीमें
चाँदसितारोंकेदर्पनमें
मैंनेदेखीअपनीछाया
जगमेंसबअपनेहैंतोफिर
कोईकिसीकाबैरीक्यूँहो
होंटोंपरमुस्कानतोबिखरे
मनमेंउलझनठेरीक्यूँहो
  - Jauhar Rahmani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy