phir dil hai aaj ghark-e-tamannaa tire li.e | फिर दिल है आज ग़र्क़-ए-तमन्ना तिरे लिए

  - Jauhar Nizami
फिरदिलहैआजग़र्क़-ए-तमन्नातिरेलिए
मुज़्तरिबहैइश्क़कीदुनियातिरेलिए
वहशतबरसरहीहैगुलिस्ताँमेंहरतरफ़
हैचाक-चाकदामन-ए-सहरातिरेलिए
तेरीनिगाह-ए-मस्तकीमुश्ताक़हैबहार
साग़रमेंहैयेलर्ज़िश-ए-सहबातिरेलिए
मुद्दतसेआरज़ू-ए-तमाशाहैसोगवार
मुद्दतसेमहव-ए-दर्दहैदुनियातिरेलिए
दिलऔरचश्म-ए-शौक़कीमंज़िलकेदरमियाँ
वाहेमसर्रतोंकादरीचातिरेलिए
येचाँदनीयेमौज-ए-रवाँऔरयेदोजाम
देखएहतिमामहैक्याक्यातिरेलिए
येसब्ज़ा-ए-लतीफ़येभीगीहुईहवा
इकगुल्सिताँहैसाहिल-ए-दरियातिरेलिए
'जौहर'कहाँहयातकीयेकश्मकशकहाँ
हैमेरीज़िंदगीकीतमन्नातिरेलिए
  - Jauhar Nizami
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