hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Javed Aslam
the jo baatil falak par makeen ho ga.e
the jo baatil falak par makeen ho ga.e | थे जो बातिल फ़लक पर मकीं हो गए
- Javed Aslam
थे
जो
बातिल
फ़लक
पर
मकीं
हो
गए
हक़
लिए
मैं
ज़मीं
पर
टहलता
रहा
- Javed Aslam
Download Sher Image
ज़ालिम
था
वो
और
ज़ुल्म
की
आदत
भी
बहुत
थी
मजबूर
थे
हम
उस
से
मोहब्बत
भी
बहुत
थी
Kaleem Aajiz
Send
Download Image
45 Likes
तबक़ों
में
रंग-ओ-नस्ल
के
उलझा
के
रख
दिया
ये
ज़ुल्म
आदमी
ने
किया
आदमी
के
साथ
Bakhtiyar Ziya
Send
Download Image
22 Likes
किसी
बे-वफ़ा
से
बिछड़
के
तू
मुझे
मिल
गया
भी
तो
क्या
हुआ
मेरे
हक़
में
वो
भी
बुरा
हुआ
मेरे
हक़
में
ये
भी
बुरा
हुआ
Mumtaz Naseem
Send
Download Image
53 Likes
ये
कब
कहते
हैं
कि
आकर
हमको
गले
लगा
ले
वो
मिल
जाए
तो
रस्मन
ही
बस
हाथ
मिला
ले
काफ़ी
है
इतने
कहाँ
नसीब
कि
इस
सेे
प्यास
बुझाएँ
खेल
करें
दरिया
हम
जैसों
को
अपने
पास
बिठा
ले
काफ़ी
है
Read Full
Vashu Pandey
Send
Download Image
38 Likes
इस
गए
साल
बड़े
ज़ुल्म
हुए
हैं
मुझ
पर
ऐ
नए
साल
मसीहा
की
तरह
मिल
मुझ
से
Sarfraz Nawaz
Send
Download Image
27 Likes
न
खाओ
क़स
में
वग़ैरा
न
अश्क
ज़ाया'
करो
तुम्हें
पता
है
मेरी
जान
हक़-पज़ीर
हूँ
मैं
Read Full
Amaan Haider
Send
Download Image
1 Like
माँ
बाप
और
उस्ताद
सब
हैं
ख़ुदा
की
रहमत
है
रोक-टोक
उन
की
हक़
में
तुम्हारे
नेमत
Altaf Hussain Hali
Send
Download Image
33 Likes
हुस्न
को
भी
कहाँ
नसीब
'जिगर'
वो
जो
इक
शय
मिरी
निगाह
में
है
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
22 Likes
आप
कहते
थे
कि
रोने
से
न
बदलेंगे
नसीब
उम्र
भर
आप
की
इस
बात
ने
रोने
न
दिया
Sudarshan Fakir
Send
Download Image
33 Likes
मैं
ख़ुद
भी
यार
तुझे
भूलने
के
हक़
में
हूँ
मगर
जो
बीच
में
कम-बख़्त
शा'इरी
है
ना
Afzal Khan
Send
Download Image
28 Likes
Read More
उसी
से
प्यार
है
जिस
से
हमें
नाराज़गी
भी
है
जहाँ
पर
बैर
होता
है
वहीं
वाबस्तगी
भी
है
Javed Aslam
Send
Download Image
0 Likes
उस
ने
पूछा
के
ज़िन्दगी
क्या
है
कह
दिया
मैं
ने
ये
मुहब्बत
है
Javed Aslam
Send
Download Image
2 Likes
जिस
को
जाना
है
वो
चले
जाए
अपनी
यादें
भी
साथ
ले
जाए
ज़िन्दगी
तो
गुज़ार
ही
लूँगा
मेरा
चैन-ओ-सुकूँ
भले
जाए
Read Full
Javed Aslam
Send
Download Image
2 Likes
मतलब
पेपर-वेट
के
जैसा
होता
है
रिश्तों
के
काग़ज़
पे
ये
बैठा
होता
है
Javed Aslam
Send
Download Image
1 Like
क़ीमतों
का
हो
जो
मोहताज
चुकाना
छोड़ो
अब
तो
आसान
हुआ
तर्क-ए-त'अल्लुक़
करना
Javed Aslam
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Crime Shayari
Jeet Shayari
War Shayari
Tasweer Shayari
Tanhai Shayari