KHamoshii se kudoorat aur bhi gambheer hoti hai | ख़मोशी से कुदूरत और भी गंभीर होती है

  - Javed Aslam
ख़मोशीसेकुदूरतऔरभीगंभीरहोतीहै
करोबातेंकिबातोंमेंछुपीतदबीरहोतीहै
ब-ज़ाहिरलाखगर्दआलूदकरदेवक़्तकीआंँधी
नुमायाँदस्तरसदिलमेंतिरीतस्वीरहोतीहै
ख़ुदाकीथीख़ुदाकीहैख़ुदाकीहीरहेगीये
जोरखवालेथेउनकीकबयहाँजागीरहोतीहै
ह़सदकीआगमेंहरवक़्तह़ासिदख़ुदहीजलताहै
इमारतपरइमारतख़ूबतरता'मीरहोतीहै
जोनस्लेंइल्मकीदौलतसेहोंमहरूमउनकेतो
गलेमेंतौक़पैरोंमेंपड़ीज़न्जीरहोतीहै
लगानाज़र्बजबदिलपरतोज़ालिमयादयेरखना
इसीदिलमेंतुम्हारीज़ातकीतौक़ीरहोतीहै
नहींडरहैतुझेदुनियासे'असलम'जानलेदुनिया
तिरेदिलमेंख़ुदाकेख़ौफ़कीतन्वीरहोतीहै
  - Javed Aslam
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