tamaam din tumhaare messages mere dil ki munderon par kabootaron ki tarah utarte hain | तमाम दिन तुम्हारे मैसेजेज़ मेरे दिल की मुंडेरों पर कबूतरों की तरह उतरते हैं

  - Janan Malik
तमामदिनतुम्हारेमैसेजेज़मेरेदिलकीमुंडेरोंपरकबूतरोंकीतरहउतरतेहैं
सफ़ेददूधियासियाहचश्मशरबतीऔरसुरमईमाइलजंगलीकबूतरजिनकेसीनेकेबाल
कईरंगोंमेंदमकतेहैं
सब्ज़-गूँनीलगूँऔरताबदारतपतेहुएताँबेकेजैसे
मैंउनकीज़बानसमझतीहूँ
ग़ुटरग़ूँग़ुटरग़ूँ
कितनीपरवाज़करकेआतेहैं
शामसेमैंउनकेसाथ
एककाबुकमेंबंदहोजातीहूँ
वोमेरेबाज़ुओंकंधोंऔरमेरेसरपरबैठजातेहैं
मुझेसुब्हतकसोनेनहींदेते
उनकेपरसेहर-अंगेज़लफ़्ज़ोंकीतरह
अपनेमआ'नीखोलतेहैं
तुम्हेंमालूमहैपरलफ़्ज़ोंकीतरहहोतेहैंखुलतेहैंमआ'नीकीतरह
तह-दर-तह
अलामतें
रम्ज़-निगारी
औरइशारेकिनाएसबकुछ
औरयेलफ़्ज़अपनेसाथनींदेंउड़ाकरलेजातेहैं
रातमेरीनींदेंलेकरगलीमें
सीटियाँमारतीहै
औरख़्वाबखिड़कियोंपरदस्तकेंदेतेहैं
तुमअपनीकरवटबदलतेहो
औररातअपनीपोशाक
मैंउनकेपैरोंमें
मोतियोंवालीझाँझरेंडालतीहूँ
येअपनाअपनादानादुन्काचुगकर
तुम्हारीओरउड़जातेहैं
औरफिरएकनईडारउतरतीहै
  - Janan Malik
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