yuñ to apne hi andar ka sach aur vo sach hai are ta-abad tujh ko kaafi hai | यूँँ तो अपने ही अंदर का सच और वो सच है अरे ता-अबद तुझ को काफ़ी है

  - Jameeluddin Aali
यूँँतोअपनेहीअंदरकासचऔरवोसचहैअरेता-अबदतुझकोकाफ़ीहै
कलकीजानिबसेइसबे-यक़ीनीकेसारेअवारिज़काशाफ़ीहै
तेरीसद-सम्तऔरबे-ग़रज़छोटीछोटीकईख़िदमतोंकायेपुश्ताराहै
बे-चारा
औरउसकेसाथएकदर्द-ए-नदामतहीवजह-ए-मुआफ़ीहै
इसतरहपेश-बीनीरिवायातऔरमस्लहतकेमुनाफ़ीहै
फिरभी
तुझेहालकाकोईयक-तरफ़ासाहिब-ए-मक़ालआजजोभीकहे
यादयेभीरहे
कितनेहालोंकीतारीख़नेउनकोक्याकरदिया
जिसकाजितनाथाहक़रफ़्तारफ़्ताअदाकरदिया
जबतिराहालमाज़ीबनेगातोगोअगलेपिछलोंपेहैरतकरेंगे
तेरीख़ुद-ना-तमामीवाज़ेहहुईतोहिकायतशिकायतकरेंगे
औरकुछलग़्ज़िशोंकीनदामतकरेंगे
मगरतेरेसचऔरतुझसेबहुतहीमोहब्बतकरेंगे
  - Jameeluddin Aali
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