सवेरा हो भी चुका और रात बाक़ी है

  - Jamal Ehsani
सवेराहोभीचुकाऔररातबाक़ीहै
ज़रूरदिलमेंअभीकोईबातबाक़ीहै
येलोगकिसक़दरआरामसेहैंबैठेहुए
अगरचेहोनेकोइकवारदातबाक़ीहै
कुछऔरज़ख़्म-ए-मोहब्बतमेंबढ़गईहैकसक
येसोचकरकिअभीतोहयातबाक़ीहै
येग़मजुदाहैबहुतजल्द-बाज़थेहमतुम
येदुखअलगहैअभीकाएनातबाक़ीहै
जोमेरीतेरीमुलाक़ातकासबबथाकभी
वोलम्हातेरेबिछड़नेकेसाथबाक़ीहै
तमामबेड़ियाँतोकाटडालीहैंलेकिन
'जमाल'क़ैद-ए-नफ़ससेनजातबाक़ीहै
  - Jamal Ehsani
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