धरती भी आसमाँ के बराबर ख़राब है

  - Jamal Ehsani
धरतीभीआसमाँकेबराबरख़राबहै
चादरहैजैसीवैसाहीबिस्तरख़राबहै
आगाहमैंचराग़जलातेहीहोगया
दुनियामेरेहिसाबसेबढ़करख़राबहै
बेदारभीहोनींदसेचारागर-ए-जहाँ
हालततेरेमरीज़कीयकसरख़राबहै
उसकेलिएहीआएगीआईअगरबहार
वोफूलजोकिबाग़सेबाहरख़राबहै
नाज़ुकअगरनहींहैतोशीशाहैबे-जवाज़
भारीअगरनहींहैतोपत्थरख़राबहै
दुनिया-ए-पुरकशिशभीहैहरसूखड़ीहुई
निय्यतभीआदमीकीसरासरख़राबहै
आँखोंसेअबवोख़्वाबकोनिस्बतनहींरही
इकउम्रहोगईयेसमुंदरख़राबहै
तारीख़सेमुहालहैलानामिसालका
येअहदअपनीरूहकेअंदरख़राबहै
येबातभीछुपीरहेगीबहुतकिमैं
उतनानहींहूँजितनामुक़द्दरख़राबहै
कुछहाथख़्वाबमेंथेगरेबानपरमेरे
इकशबख़यालआयाथायेघरख़राबहै
बसनेनहींतोसैरकीख़ातिरचलो'जमाल'
एकऔरशहरचंदक़दमपरख़राबहै
  - Jamal Ehsani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy