apne honton pe na shikwe na gile hain sahab | अपने होंटों पे न शिकवे न गिले हैं साहब

  - Jaleel Arshad Khan Rashid
अपनेहोंटोंपेशिकवेगिलेहैंसाहब
रहगएग़मसोमुक़द्दरसेमिलेहैंसाहब
पस-ए-ज़िंदाँसर-ए-मक़्तलभीसर-ए-दारभीहम
क्यायहीअपनीवफ़ाओंकेसिलेहैंसाहब
मय-कशीकोसहीवा'ज़कोआएहोंगे
मय-कदेमेंभीहमेंशैख़मिलेहैंसाहब
एकअर्साहुआयूँँतर्क-ए-तअ'ल्लुक़कोमगर
उनकीयादोंकेकँवलअबभीखिलेहैंसाहब
तबभीबर्दाश्तकियाअबभीसितमकरदेखें
होंटअपनेथेसिलेअबभीसिलेहैंसाहब
येमिरीइज़्ज़त-ओ-शोहरतयेतरक़्क़ीयेउरूज
येमिरीमाँकीदु'आओंकेसिलेहैंसाहब
'राशिद'-ए-ख़स्तासेलगतीहैशनासाईबहुत
आपक्यापहलेकभीउससेमिलेहैंसाहब
  - Jaleel Arshad Khan Rashid
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