raasta sochte rahne se kidhar banta hai | रास्ता सोचते रहने से किधर बनता है

  - Jaleel 'Aali'
रास्तासोचतेरहनेसेकिधरबनताहै
सरमेंसौदाहोतोदीवारमेंदरबनताहै
आगहीआगहोसीनेमेंतोक्याफूलझड़ें
शोलाहोतीहैज़बाँलफ़्ज़शररबनताहै
ज़िंदगीसोचअज़ाबोंमेंगुज़ारीहैमियाँ
एकदिनमेंकहाँअंदाज़-ए-नज़रबनताहै
मुद्दईतख़्तकेआतेहैंचलेजातेहैं
शहरकाताजकोईख़ाक-बसरबनताहै
इश्क़कीराहकेमेयारअलगहोतेहैं
इकजुदाज़ाइच-ए-नफ़-ओ-ज़ररबनताहै
अपनाइज़हारअसीर-ए-रविश-ए-आमनहीं
जैसेकहदेंवहीमेयार-ए-हुनरबनताहै
  - Jaleel 'Aali'
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