dast-e-naazuk se jo parde ko sanwaara tum ne | दस्त-ए-नाज़ुक से जो पर्दे को सँवारा तुम ने

  - Jalee Amrohvi
दस्त-ए-नाज़ुकसेजोपर्देकोसँवारातुमने
मैंयेसमझाकिनवाज़िशसेपुकारातुमने
क्याहक़ीक़तमेंग़म-ए-इश्क़सेमानूसहुए
यायूँँहीपूछलियाहालहमारातुमने
मेरेमक्तूब-ए-मोहब्बतमुझेवापसदेकर
करलीतोहैयेमोहब्बतभीगवारातुमने
निस्बतनआजहिजाबोंमेंइज़ाफ़ाकैसा
ग़ालिबनजानलियादिलकाइशारातुमने
दौर-ए-माज़ीकेहसींगीतसुनाकरअक्सर
औरभीदर्द-ए-मोहब्बतकोनिखारातुमने
रफ़्तारफ़्ताभड़कजाएवोशो'लाबनकर
रखदियाहैजोमिरेदिलमेंशरारातुमने
हैफ़-सद-हैफ़किदुनिया-ए-तरबमेंखोकर
करलियादर्दकेमारोंसेकिनारातुमने
अश्ककहतेहैंकिपढ़पढ़के'जली'कीग़ज़लें
दिलमेंमहसूसकियादर्दकाधारातुमने
  - Jalee Amrohvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy