chhup gaya suraj ye kah kar shaam se | छुप गया सूरज ये कह कर शाम से

  - Jalee Amrohvi
छुपगयासूरजयेकहकरशामसे
लेसबक़दुनियामिरेअंजामसे
रूहकोहमनेहज़ारोंदुखदिए
नफ़्सकोरक्खाबड़ेआरामसे
एकबाज़ीचासमझकरअहल-ए-दिल
खेलतेहैंगर्दिश-ए-अय्यामसे
सोचिएहरज़ाविएसेदहरमें
कैसेगुज़रेज़िंदगीआरामसे
करदियासाक़ीनेसाग़रचूरचूर
छीनकरइकरिंद-ए-तिश्ना-कामसे
कौनदरपररहगयादमतोड़कर
देखतेतोतुमउतरकरबामसे
होगयाबरहमनिज़ाम-ए-मयकदा
एकआवाज़-ए-शिकस्त-ए-जामसे
आख़िरशफ़र्त-ए-मसाइबपर'जली'
रोतेरोतेसोगयाआरामसे
  - Jalee Amrohvi
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