dastaan yuñ badal gaii hogii | दास्ताँ यूँँ बदल गई होगी

  - Jai Raj Singh Jhala
दास्ताँयूँँबदलगईहोगी
मौजसाहिलनिगलगईहोगी
तुमकोशायदयक़ींआएपर
आगपानीसेजलगईहोगी
चंदपलरहतीहैअनाउसकी
बर्फ़बनकरपिघलगईहोगी
हाएअंजामकिसगुमाँकाहैये
शाख़कुछफूलफलगईहोगी
रातभरआसमानरोयाथा
सुब्हसीलनसेगलगईहोगी
देखहालतमिरीजबीनेंकई
गिरतेगिरतेसँभलगईहोगी
मोड़सेदूरीपरखड़ाहूँमैं
गाड़ीरस्ताबदलगईहोगी
घावदेतीहैअबवोमोमज़बाँ
ग़ैरसाँचेमेंढलगईहोगी
पहलेजोथावहीहूँमैंअबभी
फ़ितरतउसकीबदलगईहोगी
  - Jai Raj Singh Jhala
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