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Jagat Singh
jagat tab ik parinda qaid maine kar liya tha jab
jagat tab ik parinda qaid maine kar liya tha jab | 'जगत' तब इक परिंदा क़ैद मैंने कर लिया था जब
- Jagat Singh
'जगत'
तब
इक
परिंदा
क़ैद
मैंने
कर
लिया
था
जब
कहा
तूने
कि
अब
से
दोस्त
बनकर
ही
रहेंगे
हम
- Jagat Singh
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निगाह-ए-शोख़
का
क़ैदी
नहीं
है
कौन
यहाँ
किसे
तमन्ना
नहीं
फूल
चूमने
को
मिले
Aks samastipuri
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या
तो
जो
ना-फ़हम
हैं
वो
बोलते
हैं
इन
दिनों
या
जिन्हें
ख़ामोश
रहने
की
सज़ा
मालूम
है
Shuja Khawar
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मुझ
से
क्या
हो
सका
वफ़ा
के
सिवा
मुझ
को
मिलता
भी
क्या
सज़ा
के
सिवा
Hafeez Jalandhari
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करे
जो
क़ैद
जुनूँ
को
वो
जाल
मत
देना
हो
जिस
में
होश
उसे
ऐसा
हाल
मत
देना
जो
मुझ
सेे
मिलने
का
तुमको
कभी
ख़याल
आए
तो
इस
ख़याल
को
तुम
कल
पे
टाल
मत
देना
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Kashif Adeeb Makanpuri
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दिल
में
किसी
के
राह
किए
जा
रहा
हूँ
मैं
कितना
हसीं
गुनाह
किए
जा
रहा
हूँ
मैं
Jigar Moradabadi
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मसाइल
तो
बहुत
से
हैं
मगर
बस
एक
ही
हल
है
सहरस
शाम
तक
सर
मेरा
है
बेगम
की
चप्पल
है
मेरे
मालिक
भला
इस
सेे
बुरी
भी
क्या
सज़ा
होगी
मेरा
शादीशुदा
होना
ही
दोज़ख़
की
रिहर्सल
है
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Paplu Lucknawi
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मिन्नतें
करता
था
रुक
जाओ
मेरा
कोई
नहीं
मेरे
रोके
से
मगर
कौन
रुका
कोई
नहीं
बेवफ़ाई
को
बड़ा
जुर्म
बताने
वाले
याद
है
तूने
भी
चल
छोड़
हटा
कोई
नहीं
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Khan Janbaz
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फ़रेब
दे
गया
इस
सादगी
से
वो
मुझको
कि
जुर्म
सारा
ही
मजबूरियों
के
सर
आया
Harsh saxena
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उम्र-भर
के
सज्दों
से
मिल
नहीं
सकी
जन्नत
ख़ुल्द
से
निकलने
को
इक
गुनाह
काफ़ी
है
Ambreen Haseeb Ambar
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मुन्सिफ़
हो
अगर
तुम
तो
कब
इंसाफ़
करोगे
मुजरिम
हैं
अगर
हम
तो
सज़ा
क्यूँँ
नहीं
देते
Ahmad Faraz
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अमीरी
और
गरीबी
चलती
रहती
है
बताओ
आपको
कितनी
मुहब्बत
है
Jagat Singh
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ये
जबरन
ख़ुश
रहने
का
नाटक
मुझ
सेे
न
हो
पाएगा
दर्द
उठेगा
जब
दिल
में
आँखों
से
आँसू
आएगा
जीवन
का
आधा
हिस्सा
मेरा
आधा
तुम
रख
लेना
आधा
आधा
होकर
ही
जीवन
पूरा
हो
पाएगा
कितना
कितना
तेरा
है
घर
कितना
कितना
मेरा
है
जितना
जितना
पूछेंगे
हम
उतना
घर
जल
जाएगा
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Jagat Singh
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हसीन
तो
था
बड़ा
लेकिन
एक
सपना
ही
था
जो
मुझको
छोड़
गया
वो
भी
मेरा
अपना
ही
था
Jagat Singh
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ग़म
अभी
तक
मुझे
सहना
नहीं
आया
मीन
को
आब
में
रहना
नहीं
आया
सोच
तो
सब
लिया
था
आज
कह
दूँगा
मिलके
आदाब
भी
कहना
नहीं
आया
तैरने
का
हुनर
था
इसलिए
ही
तो
क़श्ती
को
आब
में
बहना
नहीं
आया
आज
भी
हमनवा
कोई
नहीं
मेरा
पर
अकेले
मुझे
रहना
नहीं
आया
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Jagat Singh
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रोऊँ
भी
तो
मैं
फिर
किसके
अब
सामने
ऐसे
फिर
अच्छा
भी
तो
नहीं
लगता
है
Jagat Singh
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