तुम्हारेजश्नकोजश्न-ए-फ़रोज़ाँहमनहींकहते
लहूकीगर्मबूँदोंकोचराग़ाँहमनहींकहते
अगरहदसेगुज़रजाएदवातोबननहींजाता
किसीभीदर्दकोदुनियाकादरमाँहमनहींकहते
नज़रकीइंतिहाकोईनदिलकीइंतिहाकोई
किसीभीहुस्नकोहुस्न-ए-फ़रावाँहमनहींकहते
किसी'आशिक़केशानेपरबिखरजाएतोक्याकहना
मगरइसज़ुल्फ़कोज़ुल्फ़-ए-परेशाँहमनहींकहते
नबू-ए-गुलमहकतीहैनशाख़-ए-गुललचकतीहै
अभीअपनेगुलिस्ताँकोगुलिस्ताँहमनहींकहते
बहारोंसेजुनूँकोहरतरहनिस्बतसहीलेकिन
शगुफ़्त-ए-गुलको'आशिक़कागरेबाँहमनहींकहते
हज़ारोंसालबीतेहैंहज़ारोंसालबीतेंगे
बदलजाएगीकलतक़दीर-ए-इंसाँहमनहींकहते