dil ko har lamha bachaate rahe jazbaat se ham | दिल को हर लम्हा बचाते रहे जज़्बात से हम

  - Jaan Nisar Akhtar
दिलकोहरलम्हाबचातेरहेजज़्बातसेहम
इतनेमजबूररहेहैंकभीहालातसेहम
नश्शा-ए-मयसेकहींप्यासबुझीहैदिलकी
तिश्नगीऔरबढ़ालाएख़राजातसेहम
आजतोमिलकेभीजैसेमिलेहोंतुझसे
चौंकउठतेथेकभीतेरीमुलाक़ातसेहम
इश्क़मेंआजभीहैनीम-निगाहीकाचलन
प्यारकरतेहैंउसीहुस्न-ए-रिवायातसेहम
मर्कज़-ए-दीदा-ए-ख़ुबान-ए-जहाँहैंभीतोक्या
एकनिस्बतभीतोरखतेहैंतिरीज़ातसेहम
  - Jaan Nisar Akhtar
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