badan ke dono kinaaron se jal raha hooñ main | बदन के दोनों किनारों से जल रहा हूँ मैं

  - Irfan Siddiqi
बदनकेदोनोंकिनारोंसेजलरहाहूँमैं
किछूरहाहूँतुझेऔरपिघलरहाहूँमैं
तुझीपेख़त्महैजानाँमेरेज़वालकीरात
तूअबतुलूभीहोजाकिढलरहाहूँमैं
बुलारहाहैमेराजामा-ज़ेबमिलनेको
तोआजपैरहन-ए-जाँबदलरहाहूँमैं
ग़ुबार-ए-राहगुज़रकायेहौसलाभीतोदेख
हवा-ए-ताज़ातिरेसाथचलरहाहूँमैं
मैंख़्वाबदेखरहाहूँकिवोपुकारताहै
औरअपनेजिस्मसेबाहरनिकलरहाहूँमैं
  - Irfan Siddiqi
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