बदनकेदोनोंकिनारोंसेजलरहाहूँमैं
किछूरहाहूँतुझेऔरपिघलरहाहूँमैं
तुझीपेख़त्महैजानाँमेरेज़वालकीरात
तूअबतुलूभीहोजाकिढलरहाहूँमैं
बुलारहाहैमेराजामा-ज़ेबमिलनेको
तोआजपैरहन-ए-जाँबदलरहाहूँमैं
ग़ुबार-ए-राहगुज़रकायेहौसलाभीतोदेख
हवा-ए-ताज़ातिरेसाथचलरहाहूँमैं
मैंख़्वाबदेखरहाहूँकिवोपुकारताहै
औरअपनेजिस्मसेबाहरनिकलरहाहूँमैं