मुझेअपनेज़ब्तपेनाज़थासर-ए-बज़्मरातयेक्याहुआ
मिरीआँखकैसेछलकगईमुझेरंजहैयेबुराहुआ
मिरीज़िंदगीकेचराग़कायेमिज़ाजकोईनयानहीं
अभीरौशनीअभीतीरगीनजलाहुआनबुझाहुआ
मुझेजोभीदुश्मन-ए-जाँमिलावहीपुख़्ता-कार-ए-जफ़ामिला
नकिसीकीज़र्बग़लतपड़ीनकिसीकातीरख़ताहुआ
मुझेआपक्यूँँनसमझसकेयेख़ुदअपनेदिलहीसेपूछिए
मिरीदास्तान-ए-हयातकातोवरक़वरक़हैखुलाहुआ
जोनज़रबचाकेगुज़रगएमिरेसामनेसेअभीअभी
येमिरेहीशहरकेलोगथेमिरेघरसेघरहैमिलाहुआ
हमेंइसकाकोईभीहक़नहींकिशरीक-ए-बज़्म-ए-ख़ुलूसहों
नहमारेपासनक़ाबहैनकुछआस्तींमेंछुपाहुआ
मुझेइकगलीमेंपड़ाहुआकिसीबद-नसीबकाख़तमिला
कहींख़ून-ए-दिलसेलिखाहुआकहींआँसुओंसेमिटाहुआ
मुझेहम-सफ़रभीमिलाकोईतोशिकस्ता-हालमिरीतरह
कईमंज़िलोंकाथकाहुआकहींरास्तोंमेंलुटाहुआ
हमेंअपनेघरसेचलेहुएसर-ए-राहउम्रगुज़रगई
कोईजुस्तुजूकासिलामिलानसफ़रकाहक़हीअदाहुआ