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Intzar Akhtar
ye kah ke us ki sahooliyat ka khayal rakha hai main ne KHud hi
ye kah ke us ki sahooliyat ka khayal rakha hai main ne KHud hi | ये कह के उस की सहूलियत का ख़याल रक्खा है मैं ने ख़ुद ही
- Intzar Akhtar
ये
कह
के
उस
की
सहूलियत
का
ख़याल
रक्खा
है
मैं
ने
ख़ुद
ही
अगर
मैं
पूछूँ
कि
बात
हो
सकती
है
हमारी
तो
कहना
"ऊँ
हूँ"
- Intzar Akhtar
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ख़याल
था
कि
ये
पथराव
रोक
दें
चल
कर
जो
होश
आया
तो
देखा
लहू
लहू
हम
थे
Rahat Indori
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ख़याल
जिस
का
था
मुझे
ख़याल
में
मिला
मुझे
सवाल
का
जवाब
भी
सवाल
में
मिला
मुझे
Muneer Niyazi
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करता
नहीं
ख़याल
तेरा
इस
ख़याल
से
तंग
आ
गया
अगर
तू
मेरी
देखभाल
से
चल
मेरे
साथ
और
तबीयत
की
फ़िक्र
छोड़
दो
मील
दूर
है
मेरा
घर
अस्पताल
से
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Tehzeeb Hafi
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धोखा
है
इक
फ़रेब
है
मंज़िल
का
हर
ख़याल
सच
पूछिए
तो
सारा
सफ़र
वापसी
का
है
Rajesh Reddy
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महसूस
कर
रहा
था
उसे
अपने
आस
पास
अपना
ख़याल
ख़ुद
ही
बदलना
पड़ा
मुझे
Ameer Qazalbash
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बादल
आए
हैं
घिर
गुलाल
के
लाल
कुछ
किसी
का
नहीं
किसी
को
ख़याल
Rangin Saadat Yaar Khan
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मरने
का
है
ख़याल
ना
जीने
की
आरज़ू
बस
है
मुझे
तो
वस्ल
के
मौसम
की
जुस्तजू
Muzammil Raza
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ये
सानिहा
भी
शब-ए-हिज्र
आ
पड़ा
हम
पर
तेरा
ख़्याल
तो
आया
तेरी
तलब
न
हुई
Subhan Asad
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मुसीबतों
में
तो
याद
करते
ही
हैं
किसी
को
ये
लोग
सारे
मगर
कभी
जो
सुकूँ
में
आए
ख़याल
मेरा
तो
लौट
आना
Hasan Raqim
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ख़याल
कब
से
छुपा
के
ये
मन
में
रक्खा
है
मिरा
क़रार
तुम्हारे
बदन
में
रक्खा
है
Siraj Faisal Khan
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कुछ
मोहब्बत
है
और
बाक़ी
दर्द
और
दुनिया
में
रक्खा
ही
क्या
है
Intzar Akhtar
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ख़ुशी
है
कि
मेरे
दिल
में
ही
रह
रहे
हो
तुम
सितम
है
कि
तुम
को
ढूँढते
फिर
रहे
हैं
हम
Intzar Akhtar
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इस
तरह
मैं
ने
हवस
पर
इश्क़
को
तरजीह
दी
उस
का
माथा
चूमा
भी
तो
हाथ
रख
के
चूमा
है
Intzar Akhtar
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ये
तो
तय
समझो
कि
उसे
छू
लेने
के
बाद
मेरे
लुग़त
में
आग
का
मतलब
पानी
होगा
Intzar Akhtar
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उस
की
ख़ामोशी
ने
रंग
ले
लिया
है
यानी
अब
मैं
ख़ून
थूकने
लगा
हूँ
Intzar Akhtar
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