tujh se ik haath kya mila liya hai | तुझ से इक हाथ क्या मिला लिया है

  - Imran Aami
तुझसेइकहाथक्यामिलालियाहै
शहरनेवाक़िआबनालियाहै
हमतोहमथेकिउसपरी-रूने
आइनेकाभीदिलचुरालियाहै
वर्नायेसैल-ए-आबलेजाता
शहरकोआगनेबचालियाहै
ऐसीनावमेंक्यासफ़रकरना
जिसनेदरियाकोदुखसुनालियाहै
कूज़ा-गरनेहमारीमिट्टीसे
क्याबनानाथाक्याबनालियाहै
देखिएपहलेकौनमरताहै
साँपनेआदमीकोखालियाहै
जानेवालोंकोअबइजाज़तहै
हमनेअपनादियाबुझालियाहै
जबकोईबातहीनहीं'आमी'
आसमाँसरपेक्यूँँउठालियाहै
  - Imran Aami
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