हमबनेबेज़ारबंजारेयहाँ
अबकभीधोकेकभीग़मपातेहैं
कितनीकंगालीहैछाईइश्क़की
कुछवफ़ावालेभीसिक्केलातेहैं
ज़िंदगीबे-रंगतख़्तीलगतीहै
इसलिएग़मकेतरानेगातेहैं
गुम-शुदाहोंजबलकीरेंहाथकी
क्यावोफिरभीबंदोंकोअपनातेहैं
इश्क़सेक्यापेटक्याघरहीचले
मेरेअपनेतोयहीसमझातेहैं
इनहवाओंकोमिलीजानिब'अनुज'
बालजबजबतेरेयेलहरातेहैं