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S M Afzal Imam
pareshaan log saare hain ke kyun aadat men shaamil hai
pareshaan log saare hain ke kyun aadat men shaamil hai | परेशांँ लोग सारे हैं के क्यूँँ आदत में शामिल है
- S M Afzal Imam
परेशांँ
लोग
सारे
हैं
के
क्यूँँ
आदत
में
शामिल
है
तेरा
अफ़ज़ल
जहाँँ
जाना
वहीं
मशहूर
हो
जाना
- S M Afzal Imam
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शोहरत
की
बुलंदी
भी
पल
भर
का
तमाशा
है
जिस
डाल
पे
बैठे
हो
वो
टूट
भी
सकती
है
Bashir Badr
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इतनी
शोहरत
तो
मेरी
आज
भी
इस
शहर
में
है
एक
पत्ता
न
हिले
मेरी
इजाज़त
के
बग़ैर
Mukesh Jha
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सियाह
रात
की
सरहद
के
पार
ले
गया
है
अजीब
ख़्वाब
था
आँखें
उतार
ले
गया
है
है
अब
जो
ख़ल्क़
में
मजनूँ
के
नाम
से
मशहूर
वो
मेरी
ज़ात
से
वहशत
उधार
ले
गया
है
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Abhishek shukla
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दौलत
शोहरत
जैसी
छोटी
चीज़ों
का
ख़ुद्दारी
के
आगे
कोई
मोल
नहीं
Poonam Yadav
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बस
ख़ुद-कुशी
से
बचने
का
जरिया
है
शा'इरी
हमको
सुख़न-वरी
से
तो
शोहरत
तलब
नहीं
Sabir Hussain
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अब
न
मैं
वो
हूँ
न
बाकी
हैं
ज़माने
मेरे
फिर
भी
मशहूर
हैं
शहरों
में
फ़साने
मेरे
Rahat Indori
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ये
दुख
अलग
है
कि
उस
सेे
मैं
दूर
हो
रहा
हूँ
ये
ग़म
जुदा
है
वो
ख़ुद
मुझे
दूर
कर
रहा
है
तेरे
बिछड़ने
पर
लिख
रहा
हूँ
मैं
ताज़ा
ग़ज़लें
ये
तेरा
ग़म
है
जो
मुझको
मशहूर
कर
रहा
है
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Tehzeeb Hafi
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मोहब्बत
को
छुपाए
लाख
कोई
छुप
नहीं
सकती
ये
वो
अफ़्साना
है
जो
बे-कहे
मशहूर
होता
है
Lala Madhav Ram Jauhar
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मशहूर
भी
हैं
बदनाम
भी
हैं
ख़ुशियों
के
नए
पैग़ाम
भी
हैं
कुछ
ग़म
के
बड़े
इनाम
भी
हैं
पढ़िए
तो
कहानी
काम
की
है
Anjum Barabankvi
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क्या
पूछते
हो
कौन
है
ये
किस
की
है
शोहरत
क्या
तुम
ने
कभी
'दाग़'
का
दीवां
नहीं
देखा
Dagh Dehlvi
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खु़दी
में
क्यूँ
सनम
मदहोश
रहती
हो
सुना
है
तुम
बहुत
ख़ामोश
रहती
हो
S M Afzal Imam
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अश्क
माँ
के
जो
ख़ुशी
से
गिरे
तो
हैं
मोती
और
छलके
जो
ग़मों
से
तो
लहू
हो
जाए
S M Afzal Imam
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चाय
पीते
हुए
तेरी
आँखें
पढ़ें
और
फिर
तेरी
आँखों
पे
चर्चा
करें
S M Afzal Imam
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हम
ही
विरसे
में
दिया
करते
हैं
उनको
ये
ख़राबी
वरना
बच्चों
को
कहाँ
आता
है
बातों
को
छुपाना
S M Afzal Imam
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सुने
हैं
मोहब्बत
के
चर्चे
बहुत
सुना
है
कि
हैं
इस
में
ख़र्चे
बहुत
नतीजे
मोहब्बत
के
आए
नहीं
भरे
थे
मगर
हम
ने
पर्चे
बहुत
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S M Afzal Imam
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