jee huzoori kabhi nahin karta | जी हुजू़री कभी नहीं करता

  - S M Afzal Imam
जीहुजू़रीकभीनहींकरता
इसलिएनौकरीनहींकरता
मैंबुराईसभीकीकरताहूँ
परकभीआपकीनहींकरता
बातेंदिलचस्पमैंभीकरताहूँ
हाँमगरआपसीनहींकरता
बातसुनतेतोबीचरस्तेमें
मैंयूँँगाड़ीखड़ीनहींकरता
तेरीहीबातोंसेमिलीहिम्मत
फ़ोनवरनाकभीनहींकरता
तीरगीगरअहमनहींहोती
तोख़ुदारातहीनहींकरता
दिलकईटूटनेसेबचजाते
मैंअगरशा'इरीनहींकरता
  - S M Afzal Imam
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