chhodaa na mujhe dil ne mirii jaan kahii ka | छोड़ा न मुझे दिल ने मिरी जान कहीं का

  - Iftikhar Raghib
छोड़ामुझेदिलनेमिरीजानकहींका
दिलहैकिनहींमानतानादानकहींका
जाएँतोकहाँजाएँइसीसोचमेंगुमहैं
ख़्वाहिशहैकहींकीतोहैअरमानकहींका
हमहिज्रकेमारोंकोकहींचैनकहाँहै
मौसमनहींजचताहमेंइकआनकहींका
इसशोख़ी-ए-गुफ़्तारपरआताहैबहुतप्यार
जबप्यारसेकहतेहैंवोशैतानकहींका
येवस्लकीरुतहैकिजुदाईकाहैमौसम
येगुलशन-ए-दिलहैकिबयाबानकहींका
करदेइसेग़र्क़कोईनद्दीकहींकी
ख़ुदकोजोसमझबैठाहैभगवानकहींका
इकहर्फ़भीतहरीफ़-ज़दाहोतोदिखाए
लेआएउठाकरकोईक़ुरआनकहींका
महबूबनगरहोकिग़ज़लगानोहो'राग़िब'
दस्तूर-ए-मोहब्बतनहींआसानकहींका
  - Iftikhar Raghib
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