yaad dilao mat un ko vo raat aur din | याद दिलाओ मत उन को वो रात और दिन

  - Iftikhar Raghib
याददिलाओमतउनकोवोरातऔरदिन
चैनउन्हेंअबजाताहैमेरेबिन
मछलीकैसेरहतीहैपानीकेबिन
हालसेमेरेख़ूबहैंवोवाक़िफ़लेकिन
लर्ज़ीदालबपरथाभुलातोदोगेहमें
नम-दीदाआँखोंनेकहाथाना-मुम्किन
दिलकेदोहर्फ़ोंजैसेहीएकहैंहम
इकमुतहर्रिकहरलम्हाऔरइकसाकिन
चेहरेसेज़ाहिरहैदिलकीकैफ़िय्यत
कितनाछुपाएगाकोईअक्स-ए-बातिन
किसकिसकीबातोंमेंदिलजाताहै
किसकोपताहैकबआएँगेअच्छेदिन
मातम-पुर्सीमतकरमुँह-ज़ोरहवा
कितनेपत्तेटूटेअबतादादगिन
एहसानातलुटाएजातेहैं'राग़िब'
सब्ज़दरख़्तोंजैसेहैंमेरेमोहसिन
  - Iftikhar Raghib
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