ham se apne gaav ki miTTi ke ghar cheene ga.e | हम से अपने गाँव की मिट्टी के घर छीने गए

  - Iftikhar Qaisar
हमसेअपनेगाँवकीमिट्टीकेघरछीनेगए
जिसतरहशहरीपरिंदोंसेशजरछीनेगए
तितलियोंनेकाग़ज़ीफूलोंपेडेराकरलिया
रास्तेमेंजुगनुओंकेबाल-ओ-परछीनेगए
इसक़दरबढ़नेलगेहैंघरसेघरकेफ़ासले
दोस्तोंसेशामकेपैदलसफ़रछीनेगए
कालेसूरजकीज़ियासेशहरअंधाहोगया
ख़ूनमेंख़ुशबूउगानेकेहुनरछीनेगए
आँखआँखोंसेज़बानोंसेज़बाँछीनीगई
दास्ताँसेदास्तानोंकेशररछीनेगए
  - Iftikhar Qaisar
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