मैंख़िज़ाँमेंगिरफ़्तारहूँ
देखोख़्वाबीदामौजोंख़रीदाररूहों
उमडतेसिमटतेज़मानोंसे
अर्ज़-ओ-समाकीसियाहीकादामननिचोड़ाहै
लेकिनहवाओंकेवहम-ओ-गुमाँमेंनहीं
कौनसीख़ाकसे
क़तरा-ए-आबताबिंदा-मोतीकीआग़ोशलेताहै
ख़्वाहिशसेबाहरनआऊँमिरीइब्तिदाइंतिहा
आजसमुंदरकीसिलवटमेंताबिंदगीहै
समुंदरकोपिघला
बतामेरेसीनेमेंकिसकिसकीआवाज़है
खेतमेंबाग़बाँमरचुकाहै
ज़मींख़ूँ-चकाँहै
सितारेनहींहैंफ़क़तसाएबाँहै