qaraar hote hue be-qaraar ya'ni main | क़रार होते हुए बे-क़रार या'नी मैं

  - Iftikhar Haidar
क़रारहोतेहुएबे-क़रारया'नीमैं
तुम्हारेहिज्रकाइकसोगवारया'नीमैं
वतनसेदूरवतनकामुक़ीमया'नीतू
वतनमेंरहकेग़रीब-उद-दयारया'नीमैं
सरापाकिब्रसरापाग़ुरूरया'नीतू
तिरेग़ुरूरपेहरदमनिसारया'नीमैं
वफ़ा-ओ-मेहर-ओ-मोहब्बतकानामया'नीतू
वफ़ा-ओ-मेहर-ओ-मोहब्बतशिआ'रया'नीमैं
हरइकअमलसेमिरेबे-नियाज़या'नीतू
नियाज़-ओ-नज़्रदिल-ओ-जाँ-गुज़ारया'नीमैं
उम्मीद-ए-आमद-ए-सुब्ह-ए-बहारया'नीतू
औरइसबहारकाउमीद-वारया'नीमैं
सुख़नमेंताज़ाख़यालोंकीमौजया'नीतू
सुख़नकोबाइ'स-ए-सद-इफ़्तिख़ारया'नीमैं
  - Iftikhar Haidar
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