mire qareeb hi mahtaab dekh saka tha | मिरे क़रीब ही महताब देख सकता था

  - Idris Babar
मिरेक़रीबहीमहताबदेखसकताथा
गएदिनोंमेंयेतालाबदेखसकताथा
इकऐसेवक़्तमेंसबपेड़मैंनेनक़्लकिए
जहाँपेमैंइन्हेंशादाबदेखसकताथा
ज़ियादादेरउसीनावमेंठहरनेसे
मैंअपने-आपकोग़र्क़ाबदेखसकताथा
कोईभीदिलमेंज़राजमकेख़ाकउड़ातातो
हज़ारगौहर-ए-नायाबदेखसकताथा
कहानियोंनेमिरीआदतेंबिगाड़दीथीं
मैंसिर्फ़सचकोज़फ़र-याबदेखसकताथा
मगरवोशहरकहानीमेंरहगयाहैदोस्त!
जहाँमैंरहकेतिरेख़्वाबदेखसकताथा
  - Idris Babar
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