gul-e-sukhan se andheron men tab-kaari kar | गुल-ए-सुख़न से अँधेरों में ताब-कारी कर

  - Idris Babar
गुल-ए-सुख़नसेअँधेरोंमेंताब-कारीकर
नएसितारेखिलाख़्वाब-शारजारीकर
बसअबफ़क़ीरकीदुनियामेंऔरदख़्लदे
तिरीबिसातहैदिलभरसोशहर-यारीकर
मैंकारोबार-ए-जहाँकोसमेटकरआया
बसइतनीदेरतोदिलकीनिगाह-दारीकर
यहींकहींकिसीलम्हेमेंदिलभीहैलर्ज़ां
तवज्जोहसारेज़मानोंपेबारीबारीकर
वहीहोकियेसबलोगसाँसलेनेलगें
अमीर-ए-शहरकोईऔरख़ौफ़तारीकर
येक़हत-ए-नूरतो'बाबर'ख़बरनहींकबजाए
सोदिलकेअर्सा-ए-ख़ालीमेंख़्वाब-यारीकर
  - Idris Babar
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