vo hashr-khez inaayat par utar aaya | वो हश्र-ख़ेज़ इनायात पर उतर आया

  - Idris Azad
वोहश्र-ख़ेज़इनायातपरउतरआया
बलाकारंगहैऔररातपरउतरआया
मैंख़ुदउदासखड़ाथाकटेदरख़्तकेपास
परिंदाउड़केमेरेहाथपरउतरआया
वोमुझसेतोड़नेवालाहैफिरकोईवा'दा
वोफिरसियासीबयानातपरउतरआया
तेरीजोबातमेरेदिलकोहाथडालतीहै
मैंक्यूँघुमाकेउसीबातपरउतरआया
ख़ुदाकहाँहैबसइतनासवालथामेरा
ख़ुदाकाबंदामेरीज़ातपरउतरआया
वोपहले-पहलतोमुझसेहीप्यारकरताथा
फिरउसकेबादकमालातपरउतरआया
ज़रासीबातथीअश्कोंकोपीगयाहोता
ग़रीबशख़्सथाऔक़ातपरउतरआया
गयातोफिरमेरेतकिएसेनोटनिकलेहैं
अमीरहोतेहीख़ैरातपरउतरआया
वोला-जवाबहुआजबज़बानसेख़ामोश
तोउसकाचेहरासवालातपरउतरआया
  - Idris Azad
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