ye takalluf ye mudaarat samajh men aa.e | ये तकल्लुफ़ ये मुदारात समझ में आए

  - Ibrat Machlishahri
येतकल्लुफ़येमुदारातसमझमेंआए
होजुदाईतोमुलाक़ातसमझमेंआए
रूहकीप्यासफुवारोंसेकहींबुझतीहै
टूटकेबरसेतोबरसातसमझमेंआए
जागतेलबमिरेऔरउसकीझपकतीआँखें
नींदआएतोकहाँबातसमझमेंआए
लीथीमौहूमतहफ़्फ़ुज़केघरौंदेमेंपनाह
रेतजबबिखरीतोहालातसमझमेंआए
उँगलियाँजिस्मकेसबऐब-ओ-हुनरजानतीहैं
लम्सजागेतोइकइकबातसमझमेंआए
सैकड़ोंहाथमिरेक़त्लमेंठहरेहैंशरीक
एकदोहोंतोकोईबातसमझमेंआए
कभीउतराहीनहींउसकेतकल्लुफ़कालिबास
होबरहनातोमुलाक़ातसमझमेंआए
कोईआसाँनहींजलजलकेसहरकरलेना
शम्अबनजाओतोफिररातसमझमेंआए
तुमकिसीरेतकेटीलेपेखड़ेहो'इबरत'
उठ्ठेतूफ़ाँतोफिरऔक़ातसमझमेंआए
  - Ibrat Machlishahri
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