khidki kholo kuchh to yahaañ bhi taaza narm hawa aa.e | खिड़की खोलो कुछ तो यहाँ भी ताज़ा नर्म हवा आए

  - Ibn-ul-Hasan
खिड़कीखोलोकुछतोयहाँभीताज़ानर्महवाआए
मंज़रसहन-ए-चमनकाउभरेबू-ए-दर्द-रुबाआए
बे-जाँफ़नमेंजानसीआएज़ख़्म-ए-तमन्नाताज़ाहो
यादमेंरंगहिनाकालहकेरक़्समेंबाद-ए-सबाआए
माह-गज़ीदारातहैसाकितजैसेकोईआईना
ओसकेसब्ज़ेपरगिरनेकीसन्नाटेमेंसदाआए
फ़ज़्ल-ए-ख़िज़ाँकेसूखेपत्तेहाँपरहेहैंसाएमें
सायाअपनेतह-ख़ानोंमेंजाएउन्हेंपहुँचाआए
पहरोंदिलसेबातेंकरकेचैनसेबैठेहैंऐसे
जैसेजोकुछभीकहनाथादुनिया-भरकोसुनाआए
नहरपेसाया-बारशजरकेजालसेमौजेंउलझीहैं
कोई'हसन'उसउलझादेकोईजाएज़रासुलझाआए
  - Ibn-ul-Hasan
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