kal chaudahveen ki raat thii shab bhar raha charcha tira | कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा

  - Ibn E Insha
कलचौदहवींकीरातथीशबभररहाचर्चातिरा
कुछनेकहायेचाँदहैकुछनेकहाचेहरातिरा
हमभीवहींमौजूदथेहमसेभीसबपूछाकिए
हमहँसदिएहमचुपरहेमंज़ूरथापर्दातिरा
इसशहरमेंकिससेमिलेंहमसेतोछूटींमहफ़िलें
हरशख़्सतेरानामलेहरशख़्सदीवानातिरा
कूचेकोतेरेछोड़करजोगीहीबनजाएँमगर
जंगलतिरेपर्बततिरेबस्तीतिरीसहरातिरा
हमऔररस्म-ए-बंदगीआशुफ़्तगीउफ़्तादगी
एहसानहैक्याक्यातिराहुस्न-ए-बे-परवातिरा
दोअश्कजानेकिसलिएपलकोंपेकरटिकगए
अल्ताफ़कीबारिशतिरीइकरामकादरियातिरा
बे-दरेग़बे-अमाँहमनेकभीकीहैफ़ुग़ाँ
हमकोतिरीवहशतसहीहमकोसहीसौदातिरा
हमपरयेसख़्तीकीनज़रहमहैंफ़क़ीर-ए-रहगुज़र
रस्ताकभीरोकातिरादामनकभीथामातिरा
हाँहाँतिरीसूरतहसींलेकिनतूऐसाभीनहीं
इकशख़्सकेअशआ'रसेशोहराहुआक्याक्यातिरा
बेदर्दसुननीहोतोचलकहताहैक्याअच्छीग़ज़ल
आशिक़तिरारुस्वातिराशाइरतिरा'इंशा'तिरा
  - Ibn E Insha
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