jalwa-numaai be-parwaai haan yahii reet jahaan ki hai | जल्वा-नुमाई बे-परवाई हाँ यही रीत जहाँ की है

  - Ibn E Insha
जल्वा-नुमाईबे-परवाईहाँयहीरीतजहाँकीहै
कबकोईलड़कीमनकादरीचाखोलकेबाहरझाँकीहै
आजमगरइकनारकोदेखाजानेयेनारकहाँकीहै
मिस्रकीमूरतचीनकीगुड़ियादेवीहिन्दोस्ताँकीहै
मुखपररूपसेधूपकाआलमबालअँधेरीशबकीमिसाल
आँखनशीलीबातरसीलीचालबलाकीबाँकीहै
'इंशा'-जीउसेरोककेपूछेंतुमकोतोमुफ़्तमिलाहैहुस्न
किसलिएफिरबाज़ार-ए-वफ़ामेंतुमनेयेजिंसगिराँकीहै
एकज़रासागोशादेदोअपनेपासजहाँसेदूर
इसबस्तीमेंहमलोगोंकोहाजतएकमकाँकीहै
अहल-ए-ख़िरदतादीबकीख़ातिरपाथरलेलेपहुँचे
जबकभीहमनेशहर-ए-ग़ज़लमेंदिलकीबातबयाँकीहै
मुल्कोंमुल्कोंशहरोंशहरोंजोगीबनकरघूमाकौन
क़र्या-ब-क़र्यासहरा-ब-सहराख़ाकयेकिसनेफाँकीहै
हमसेजिसकेतौरहोंबाबादेखोगेदोएकहीऔर
कहनेकोतोशहर-ए-कराचीबस्तीदिल-ज़दगाँकीहै
  - Ibn E Insha
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