insha'-ji utho ab kooch karo is shahar men jee ko lagana kya | इंशा'-जी उठो अब कूच करो इस शहर में जी को लगाना क्या

  - Ibn E Insha
इंशा'-जीउठोअबकूचकरोइसशहरमेंजीकोलगानाक्या
वहशीकोसुकूँसेक्यामतलबजोगीकानगरमेंठिकानाक्या
इसदिलकेदरीदादामनकोदेखोतोसहीसोचोतोसही
जिसझोलीमेंसौछेदहुएउसझोलीकाफैलानाक्या
शबबीतीचाँदभीडूबचलाज़ंजीरपड़ीदरवाज़ेमें
क्यूँँदेरगएघरआएहोसजनीसेकरोगेबहानाक्या
फिरहिज्रकीलंबीरातमियाँसंजोगकीतोयहीएकघड़ी
जोदिलमेंहैलबपरआनेदोशर्मानाक्याघबरानाक्या
उसरोज़जोउनकोदेखाहैअबख़्वाबकाआलमलगताहै
उसरोज़जोउनसेबातहुईवोबातभीथीअफ़सानाक्या
उसहुस्नकेसच्चेमोतीकोहमदेखसकेंपरछूसकें
जिसेदेखसकेंपरछूसकेंवोदौलतक्यावोख़ज़ानाक्या
उसकोभीजलादुखतेहुएमनइकशो'लालालभबूकाबन
यूँँआँसूबनबहजानाक्यायूँँमाटीमेंमिलजानाक्या
जबशहरकेलोगरस्तादेंक्यूँँबनमेंजाबिसरामकरे
दीवानोंकीसीबातकरेतोऔरकरेदीवानाक्या
  - Ibn E Insha
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy